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गुरुवार, 5 सितंबर 2013

Intex Aqua i7- latest mobile phone, details in Hindi




Intex Aqua i7

Intex एक computer hardware बनाने वाली company है जो मोबाइल में भी अब अच्छे प्रोडक्ट दे रही है। इंटेक्स टेक्नोलॉजी ने लास्ट Wednesday को ही Indian market में अपने नए फोन 'एक्वा आई 7' को लांच किया है। लांचिंग के मौके पर कंपनी ने बताया कि इस फोन को खासकर business men और young generation दोनो को ध्यान में रख कर के तैयार किया गया है, लेकिन इसे हर उम्र के लोग आसानी से इस्तेमाल कर सकते हैं। आज का costumer लंबी चलने वाली बैटरी और हर वक् नेटवर्क कनेक्टेड फोन चाहता है, और इन सब मानकों पर Intex Aqua i7, खरा उतरता है। इस स्मार्ट फोन के साथ Intex company हाई- एंड स्मार्ट फोने मार्केट में एंट्री  कर ली है।

Its features-


  • Intex Aqua i7 एक ड्यूल सिम स्मार्ट फोन है इसमें हम दो सिम लगा यूज़ कर सकते हैं।
  • Intex Aqua i7 स्मार्ट फोन में 2000 mAh की दमदार बैटरी है   
  • Intex Aqua i7 में 5 इंच का फुल एच डी 1080 पिक्सल्स डिस्प्ले है।
  • इसमें मीडिया टेक का 1.5GHz (गीगा हट्र्ज) quad-core processor है और इंटेक्स अक्वा आई 7 में 2 जीबी रैम दी गई है        
  • सबसे बड़ी बात है कि इसमें 32 जीबी internal storage है इसलिए इसमें मेमोरी कार्ड नहीं दिया गया है मतलब इसमें हम मेमोरी कार्ड नहीं लगा सकते हैं
  • Intex Aqua i7 स्मार्ट फोन में 13 मेगा पिक्सल्स का मेन कैमरा और 5 मेगा पिक्सल्स का फ्रंट कैमरा दिया गया है
  • Intex Aqua i7 स्मार्ट फोन Android 4.2 Jelly Bean पर चलता है
  • फोन कि कनेक्टिविटी कि बात करे तो इसमें ब्लूटूथ, वाईफाई, 3 जी  और जीपिएस शामिल हैं।  Intex Aqua i7 स्मार्ट फोन दो रंग में उपलब्ध है- पर्ल वाइट और पर्ल ब्लैक
  • इस Android स्मार्ट फोन कि कीमत 21,900 रूपये है।


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बुधवार, 4 सितंबर 2013

God Buddha's precious pearl - Rahul


भगवान बुद्ध का अनमोल मोती-राहुल

कपिलवस्तु के राज कुमार सिद्धार्थ, अपने परिवार व राज्य का त्याग कर के तपस्या करने चले गये और फिर पूरे seven year बाद अपने father शुद्धोदन के अनुरोध पर, बौधिसत्व को प्राप्त कर, भगवान बुद्ध बन कर पुन: कपिलवस्तु में भ्रमण करने आये

कल के राजकुमार और आज के तथागत को देखने और मिलने लोगों कि भीड़ कि भीड़ उमड़ पड़ी । मिलने वालों कि कतार में उनकी wife व son भी शमिल थे । God Buddha तो मन के बंधनों से परे जा जूक थे; पर ये स्वाभाविक था कि उनकी पत्नी यशोधरा व पुत्र राहुल के मन में मोह का जागरण होना । यशोधरा की इच्छा हुयी, की किसी तरह बुद्ध राज महल राज महल लौट चलें, इसलिए यशोधरा ने राहुल से कहा- कि वो बुद्ध कि संतान होने के नाते, अपनी विरासत कि मांग करें।

राहुल ने माँ की आज्ञा का पालन किया और तथागत भगवान बुद्ध के पास गये और कहा –“ मैं आप का पुत्र हूँ इस नाते आपकी विरासत पर मेरा भी अधिकार है।”

तथागत बुद्ध ने पुत्र राहुल के मस्तक पर हाथ फेरा और बोले –“ पुत्र! मेरा ज्ञान, मेरा धर्म ही मेरी धरोहर है और मेरी शिक्षा, मेरे ज्ञान- सूत्र मेरी  विरासत है । इन पर तुम्हारा भी उतना ही अधिकार है जितना मेरे शिष्यों का ।"

भगवान बुद्ध के वचनों ने राहुल के बाल कोमल मन को अंदर तक झकझोर दिया और वो पिता से दीक्षा लेकर प्रवज्जा (ज्ञान के प्रसार) पर निकल पड़े। आगे चल के उनकी गिनती भगवान तथागत के दस प्रमुख शिष्य – रत्नों में हुई ।  
                   

Friend’s, आप को मेरी, “भगवान बुद्ध का अनमोल मोती-राहुल” motivational story, Hindi में कैसी लगी? क्या ये story सबकी life (personality) में positivity ला सकने में कुछ सहयोगी हो सकेगी, if yes तो please comments के द्वारा जरुर बताये।


Note: The motivational story shared here is not my original creation, I have read it before and I am just providing it with my own way in Hindi.
  

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Four fools accomplishment-चार मूर्खों कि सिद्धि


चार मूर्खों कि सिद्धि

एक गाँव चार मुर्ख मित्र रहते थे । वे मुर्ख होते हुवे भी आपस में बहुत प्रेम करते थे और सदभाव के साथ आपस में मिल कर रहते थे, इसलिए वो हर काम एक साथ आपस कि सहमती से करते थे । उनके इस गाँव में, एक बार एक प्रसिद्ध sage का आगमन हुआ । सब गाँव वालों ने मिल कर संत का बहुत स्वागत - सत्कार किया

संत का स्वागत – सत्कार देख कर, उन चारों मूर्खों को यह जानने कि बड़ी उत्सुकता हुई कि उनको इतना स्वागत – सत्कार कैसे मिला ? वो great sage के शिष्यों के पास गये और उनसे पूछा- कि इन संत को इतना मान- सम्मान क्यों मिल रहा है । इस पर शिष्यों ने कहा- great saint ने जंगल में मौन रह कर गहन तप किया है और उस तप से उनको बहुत सी सिद्धियों कि प्राप्ति हुई है । और वो इन सिद्धियों से सबका कल्याण कर रहे हैं । इस कारण सब उनको इतना मान -सम्मान दे रहे हैं ।

बस, फिर क्या था उन लोगों कि बात सुन कर, चारों मूर्खों ने सोचा कि मान- सम्मान प्राप्त करने का इससे सरल और सुगम उपाय और कोई दूसरा हो ही नहीं सकता। हम भी मौन रह कर तपस्या कर के सम्मान प्राप्त करेंगे।

 यह सोच चारों ने मिल कर ये निर्णय लिया कि वो भी संत के समान मौन रह कर घोर तप करेंगे, जिस से हमारे इस तप को देख सिद्धियाँ हमारे पास भागी चली आएँगी, फिर सम्मान मिलने में क्या देरी होगी ।

     चारों ने एक दिया लिया और जंगल में चल दिए। वहां पर एक अधेरी गुफा ढूंढ कर उसमें तपस्या के लिए जा बैठे । अभी तप पर बैठे उनको थोड़ा ही समय हुआ था कि दीपक की लौ लपलपाने लगी । उन चारों मूर्खों में से एक बोला –“ अरे कोई दिए में तेल डालो ।” , दूसरा तुरन्त बोला –“ बेवकूफ ! बाते थोड़ी करनी थीं ।“ तीसरा कहने लगा –“ तुम दोनों मंदबुद्धि हो । मेरी तरह चुप नहीं बैठ सकते ?” चौथा भी कहाँ शांत रहने वाला था, वह बोला –“ सबके सब बोल रहे हो, सिर्फ मैं ही हूँ कि चुप बैठा तप कर रहा हूँ ।“

friend’s, मूढ़ व्यक्ति येसे ही अनर्थ के प्रपंचों में अपना समय गवांते हैं और हाथ कुछ नहीं पाते; जबकि बुद्धिमान लोग अपने विवेक का उपयोग कर, अपने जीवन को उन्नत, सुयोग और समर्थ बनाते हैं।  
   

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मंगलवार, 3 सितंबर 2013

Little bit of salt--थोड़ा सा नमक


थोड़ा सा नमक

बहुत समय पहले कि बात है, ईरान में एक बहुत ही famous king नौशेरवां हुए । नौशेरवां बहुत कि न्यायप्रिय बादशाह थे । और अपनी इसी न्याय प्रियता के लिए वो प्रसिद्ध थे ।

एक दिन  नौशेरवां अपने कुछ साथियों के साथ जंगल में शिकार खेलने के लिए गये । शिकार खलते - खलते वो काफी दूर निकल गये । देर शाम एक गावं के बाहर उन्होंने डेरा डाला । और अपने सेवकों को भोजन कि तैयारी करने को कहा।

सेवक भोजन कि तैयारी में लग गये । पर भोजन बना ने के लिए सेवक के पास salt नहीं था इसलिए एक सेवक गावँ चला गया और वहां एक house के master से थोड़ा नमक ले आया और food बनाने लगा ।

king नौशेरवां ने servant से पूँछा -“ नमक के दाम देकर आये हो ना ?” सेवक ने कहा- इतने से salt का दाम क्या दिया जाये ?”

     नौशेरवां ने कहा –“ अब आगे से ऐसा काम कभी मत करना । उस नमक की कीमत जो भी हो, तुरन्त जाओ और देकर आओ । तुम नहीं समझते कि अगर एक बादशाह किसी बाग़ से बिना दाम दिए एक फल भी ले ले , तो उसके कर्मचारी तो पूरा बाग ही उजाड़ का खा जायेंगे ।” आदर्श स्वयं ही पेश किया जाता है, जाओ! तुरन्त जाओ और नमक के दाम दे कर आओ ।

नौशेरवां कि इसी ईमानदारी और न्याय प्रियता ने उसे एक आदर्श आचरण वाले king के रूप में world के सामने स्थापित किया ।

friend’s, इस कहानी के king की ही तरह हमे भी जीवन में स्वयं लोगों के लिए अपने आचरण के दवारा example बनना चाहिए । हम अपने आस – पास दूसरों से जैसा वातावरण चाहते हैं वैसा ही हमे भी दूसरों के किये पहले स्वयं बनाना पड़ेगा । क्योंकि कहने से कुछ नहीं होता उसे व्यवहार में लेन से दूसरों पर ज्यादा असर पड़ता है । इसलिए कहिये मत कर के दिखाइए ।

             
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रविवार, 1 सितंबर 2013

Man ke haare Haar, Man Ke jeete jeet


win the life


मन के हारे हार, मन के जीते जीत


किसी विद्वान ने क्या खूब कहा है- “मन के हारे हार मन के जीते जीत है”

इस वाक्य कि गहराई में जाया जाये, तो इस वाक्य कि सार्थकता का पता चलता है कि मन कितना बलवान है जो किसी को भी हरा या जीता सकता है । पर ये सच है मन येसा कर सकता है क्योंकि हमारे शास्त्रों में मन को ही बंधन और मन को ही मुक्ति का कारण माना  गया है । शुद्ध, शांत, निर्मल और स्थिर मन मनुष्य को उत्कर्ष कि ओर ले जाता है वही पर चंचल, अस्थिर कुलषित एवं कुसंस्कारों से भरा हुआ मन मनुष्य को पतन व पराभव के मार्ग पर धकेलता है ।

मन तो स्वभाव से ही चंचल होता है इस कारण यह किसी एक विषय पर नहीं टिकता ही नहीं है बार – बार एक को छोड़ दूसरे कि तरफ आकर्षित हो उस ओर दौड़ता रहता है । मन न जाने कितने अनगिनत संस्कारों का आगार होता है और वे समय – समय पर मन को अपनी ओर प्रेरित करते रहते हैं, इस संस्कारों को हटा पाना आसान नहीं होता है और जो येसा करते हैं वे महारथी कि तरह अपने goal कि तरफ बिना किसी विघ्न बाधा के बढ़ते जाते हैं ।

एक बार स्वयं महा रथी अर्जुन ने मन कि चंचलता पर भगवान श्रीकृष्ण से कहा था-

चच्चलम हि मन: कृष्ण प्रमाथि बलवद्दढम ।
तस्याहम निग्रहम मन्ये वायोरिव सुदुष्करम ।।   
                  
अर्थात- “ है कृष्ण ! यह मन बड़ा ही चंचल है, मनुष्य को मथ डालता है। यह बड़ा शक्ति शाली है । वायु कि तरह ही मन को वश में करा कठिन मानता हूँ ।“

यह सुन कर भगवान् कृष्ण जी ने अर्जुन से कहा- इसे चंचल व प्रमथन nature वाले मन को अपने वश में करने का उपाय सुनो-

  असंशयं महा बाहो मनो दुर्निग्रहम चलं
  अभ्यासेन तु कौन्तेय वैरा।ग्येण च गृहंते ।।

अर्थात- “ हे महा बाहो ! नि: संदेह मन बड़ा चंचल है । यह रुक नहीं सकता, परन्तु हे कौन्तेय ! अभ्यास और वैराग्य से यह वश में किया जा सकता है ।“

    अतः मन को निर्मल संस्कारवान बनाने और उसकी चंचलता को विराम देने के लिए उचित कदम जीवन में उठाने आवश्यक है जिससे life का specified aim पाने के लिए योजना बनाई जा सके । और उसी के अनरूप भावनाओं और विचारों के चिंतन में मन को लगा देना  चाहिए, इसके आलावा मन को और कही नहीं जाने देना चाहिए । मन  चाहे या न चाहे, वह कितना भी भागे, उसे पकड़ कर अपने लक्ष्य पर बार – बार लगाना चाहिए । इसके अलावा बाकी सभी विरोधी thoughts व emotions की तरफ से मन को हटाने का पूरा प्रयत्न करते रहना चाहिए । इससे मन एक लक्ष्य पर लगने लगता है और इस एकाग्र मन को जिस दिशा में भी लगाते हैं उस दिशा में सफलता हाथ फेलाये राहों में आप का इन्तजार करती है, और इसीलिए कहते है कि मन के हारे हार और मन के जीते जीत है ।                             

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Components of computer / Functional Units of Computer





अभिकलित्र के भाग:

एक संगणक(अभिकलित्र) के मुख्य रूप से चार भागों से मिल कर बनता है
  • निविष्ट युक्ति,
  • निर्गम युक्ति
  • संसाधन युक्ति,
  • भंडारण युक्ति,

Note: युक्ति को यंत्र भी कहा जता है। और युक्ति को English में device  कहते है ।

1) निविष्ट युक्ति (input device):- input device उन उपकरणों को कहते हैं, जिनके द्वारा computer के अंदर निर्देशों (instruction) व आकड़ों (data) को प्रोसेसिंग के लिए भेजा जाता है । जैसे-


  • Keyboard- इसके दवारा हम alphabetical, numbers, symbols, special characters को computer में फ़ीड कर सकते हैं।    
  • Mouse- माउस एक पोइंटिंग device है। इसके दवारा हम कर्सर को हेंडल करते है ।
  • Scanner- स्कैनर के दवारा हम image व लिखे हुए data को computer में डाल सकते हैं ।
  • Joystick- जोय-स्टिक भी एक पोइंटिंग device है, और ये भी कर्सर कि पोजीशन को स्क्रीन पर एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाता है। 
  • Floppy and hard disk- इसमें हम data को store कर सकते है और जरुरत पड़ने पर उस data को इसके द्वारा computer में भेज सकते है । व एक जगह से दूसरी जगह पर data को ले जा सकते हैं।
  • Punched card- इसके दवारा हम data को computer में transfer कर सकते है ।
  • Microphone or Mick- इसके दवारा हम sound को computer में डाल सकते हैं ।  



2) निर्गम युक्ति (output device):- output device में वे सभी उपकरण शामिल किये जाते हैं, जिनसे Processed information और result  को user तक पहुँचता है । जैसे-

  • Monitor ( also called VDU- Visual Display Unit ) : इसकी सहायता से हम text, data , Information  and image को screen पर देख सकते है  ।  
  • Printer– इसकी सहायता से निर्गत सामग्री को हम कागज पर मुद्रित कर सकते है अर्थात इसका हम प्रिंट ले सकते है ।
  • Plotter- ये भी एक output device है इसके दवारा graphic और designs कि hard कॉपी को प्राप्त किया जाता है।


3) संसाधन युक्ति:- संसाधन युक्ति को विचार युक्ति या केंद्रीय प्रक्रमन एकक भी कहते हैं । इसको इंग्लिश में CPU (central processing unit) कहते हैं। यह computer कि मूल संक्रियात्मक इकाई ( प्रोसेसिंग यूनिट ) है जो input device द्वारा दिए गये data पर प्रक्रिया कर उसे output device को भेजती है ।


संसाधन युक्ति (CPU ) के तीन भाग होते हैं:

  1. बही या पंजी (रजिस्टर):- सबसे पहले जिन आंकड़ों या सूचनाओं पर काम करना होता है, उन्हें मेमोरी  से रजिस्टर में अंकित किया जाता है । अलग- अलग प्रक्रियाओं के लिए अलग अलग रजिस्टर होते हैं आंकिक एवं तार्किक इकाई की संक्रिया के बाद सूचनाएं पुनः रजिस्टर में दर्ज होती हैं और वापस मेमोरी में भेजी दी जाती हैं।

  1. आंकिक एवं तर्क इकाई (Arithmetic and Logical Unit):- यह यूनिट रजिस्टर में दर्ज सूचनाओं पर निर्देशों के अनुसार कार्य करती है तथा परिणाम को पुनः उपयुक्त रजिस्टर में दर्ज कर देता है।

  1. नियन्त्रण इकाई (Control Unit) :- यह केंद्रिय प्रसाधन इकाई की सभी क्रियाओं का नियंत्रण करती है। जैसे कि मेमोरी से सूचनाएं रजिस्टर में, वहाँ से आंकिक एवं तर्क इकाई में, वापस रजिस्टर में तथा वहाँ से मेमोरी में वापस जाने की प्रक्रिया पर यह इकाई नियंत्रण रखती है।



4) भंडारण युक्ति:- भंडारण युक्ति को storage device कहते हैं, ये computer में data और सूचनाओं को सहेज कर रखती है । storage device दो प्रकार कि होती हैं ।



a) अल्‍पकालिक भंडारण युक्ति:- इसमें data थोड़ी देर के लिए ही स्टोर कर के रखा जाता है । इसमें जब तक computer पर काम किया जा रहा होता है तब तक ही data store रहता है काम ख़तम होने पर व computer के बंद हो जाने के बाद इस मेमोरी में रखा सारा data चला जाता है । अल्‍पकालिक भंडारण युक्ति दो प्रकार कि होती है-

  • रैंडम एक्सेस मेमोरी (RAM):- इसको Hindi में याद्च्छिक अभिगम स्मृति कहते हैं।
  • रीड ओनली मेमोरी (ROM) :- इसको Hindi में पठन स्मृति कहते हैं ।

b) दीर्घकालिक भंडारण युक्ति:– ये लंबे समय के भंडार के लिए होता है इसमें आप जब चाहो तब आप को data और इनफार्मेशन वापस मिल सकती है सालो बाद भी और तुरन्त भी । ये निम्न प्रकार के होते हैं-

  • हार्ड ड्राइव या हार्ड डिस्क
  • फ्लॉपी डिस्क
  • कॉम्पैक्ट डिस्क (C.D)
  • अंकीय वीडियो डिस्क (DVD)



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