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शुक्रवार, 6 दिसंबर 2013

Thomas Alva Edison - His Lab affection- A inspirational true real life story in Hindi



lab love-affection

Thomas Alva Edison - His Lab affection  

Famous scientist Thomas Alva Edison अपनी धुन के पक्के थे वो जिस कम को भी हाथ में लेते थे उसे पूरा किये बिना साँस नहीं लेते थे । Edison को काम करने का नशा था । वे एक बार अपनी धुन में जब प्रयोगशाला में घुस जाते थे तो प्रोग्शाला से जल्दी बाहर ही नहीं निकलते थे । उनको प्रोग्शाला में रहना इतना पसंद था की जब वो lab में घुस जाते तो वहीँ लैब में ही रम के रह जाते थे ।Edison के इस lab प्रेम से उनकी wife बहुत परेशान रहती थीं । काम के प्रति उनकी धुन से उनकी wife उनसे हमेशा चिढ़ी – चिढ़ी सी रहती थीं ।

एक बार तो Edison ने हद कर दी, वो एक बार वो अपने किसी experiment के लिए Laboratory में घुसे तो काफी दिनों तक बाहर निकले ही नहीं निकले । वे lab में ही पुर्णतः निवास कर रहे थे । फिर आखिरकार काफी दिनों बाद जब वह अपनी  Laboratory से बाहर आये, तो उनकी प्रिय पत्नी ने उनको सलाह दी –“ my dear, आप Night and day काम में लगे रहते हैं । आप थक जाते होंगे, कभी - कभार rest भी कर लिया करें । कभी तो छुट्टी कर लिया करें ।”

इस पर Edison बोले –“ लेकिन में छुट्टी ले कर जाऊं कहाँ ?”

wife बोली-“ my dear, जहाँ तुम्हारा मन चाहे ।“

“Okay! तो फिर मैं वहीँ जाता हूँ ।” यह कह कर Edison फिर से सीधे अपनी Favorite lab में घुस गये ।”    

Friend’s, आप को ये Thomas Alva Edison - His Lab affection motivational story, Hindi में कैसी लगी? क्या ये story सबकी life (personality) में positivity ला सकने में कुछ सहयोगी हो सकेगी, if yes तो please comments के द्वारा जरुर बताये । 

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बुधवार, 4 दिसंबर 2013

Thomas Alva Edison- "Do not ever look at the clock at work time"- this is true real life motivational and inspirational story in Hindi


Do not ever look at the clock at work time

Thomas Alva Edison एक बहुत ही famous scientist हैं । Thomas Alva Edison बड़े ही परिश्रमी और अध्यवसायी और ईमानदार थे । Edison जिस task या scientific experiment को भी अपने हाथ में लेते थे, उसे जिस zeal के साथ start करते थे उसे उसी enthusiasm के साथ complete करते थे । और अपने हर work को पूरा करने में वह कभी भी watch नहीं देखते थे बिना time की परवाह किये वह अपने job में लगे रहते थे ।

एक बार एक woman, Thomas Alva Edison से मिलने आयी और Edison जी से बोली, कृपया मेरे son को कोई नसीहत दीजिये । यह कह कर उस woman ने Thomas Alva Edison के सामने एक Paper रख दिया और बोली इस page पर मेरे son के लिए कुछ लिखिए ।

Edison ने उस Paper पर लिखा –“काम के समय कभी घड़ी न देखो।”

famous आविष्कारक Thomas Alva Edison कभी भी कोई work करते समय कभी भी जरा सी भी थकावट महसूस नहीं करते थे, क्योंकि वो अपने किसी भी job को पूरा करते समय कभी भी watch नहीं देखते थे।
       

Friend’s, आप को ये Do not ever look at the clock at work time” motivational story, Hindi में कैसी लगी? क्या ये story सबकी life (personality) में positivity ला सकने में कुछ सहयोगी हो सकेगी, if yes तो please comments के द्वारा जरुर बताये। 

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शनिवार, 28 सितंबर 2013

As a child I always used to think that I have to be a scientist- A motivational article in Hindi

as a child i always used to think that i have to be a scientist 

टामस ऐल्वा एडिसन- बचपन में हमेशा यही सोचते थे, कि मुझे एक वैज्ञानिक बनना है-   

The great inventor टामस ऐल्वा एडिसन का जन्म ओहायो राज्य के Milan city में 11 फरवरी, 1847 ई. को हुआ था । एडिसन बचपन से ही वैज्ञानिक बनने की बात किया करते थे । पर उनका बचपन बहुत गरीबी में था । वे एक गरीब माँ के बेटे थे । इसलिए six year तक उनकी माता ने उनको घर पर ही पढाया।
एडिसन कि माँ हमेशा अपने son के dream को पूरा करने में help करने की सोचती रहती। पर उसके पास इतना धन नहीं था की वो अपने पुत्र को science की महंगी पढाई करा कर, एडिसन को वैज्ञानिक बना सके ।

एक दिन उनकी माँ ने सोचा यदी मैं एडिसन को किसी बड़े scientist के पास काम पर रख दूँ तो शायद मेरे बेटे की इच्छा को पूर्ण करने का समाधान हो जाये। ऐसा सोच कर वह एडिसन को एक वैज्ञानिक के पास ले गई । और अपने son एडिसन की desire के बारे में scientist से बात की ।

वैज्ञानिक ने एडिसन को एक झाड़ू देकर अपनी प्रयोगशाला की सफाई करने को कहा। एडिसन ने हर काम को बड़े ही करीने से किया । कहीं किसी कोने में भी गंदगी न छोड़ी और हर सामान सफाई के बाद यथा स्थान पर रख दिए।  

Scientist ने यह सब देख कर कहा –“इस child में scientist बनने के गुण हैं। आप इसे मेरे पास छोड़ दें । आप का यह बेटा वैज्ञानिक जरूर बनेगा । क्योंकि सफाई और व्यवस्था से मनुष्य के व्यक्तिव के विकास की क्षमता बढ़ती है और उसी से उसके विकास कि सम्भावना के स्तर का पता भी चलता है।  

friends, ये सच है व्यक्ति की quality और उसकी ability उसके कार्यों से, उसके behavior से ही चलती है । आप क्या सोचते हैं, आप क्या चाहते है सब कुछ के बारे में आप के कार्य, कार्यों को करने के तरीके से पता चलता है क्योंकि आप जो सोचते हो, चाहते हो, वैसा ही आप behave करते हो।
इसलिए हमे अपनी desire, अपनी सोच में और अपने action में सही ताल मेल जरूर बैठाना चाहिए।             


 Friend’s, आप को मेरी भगवान बुद्ध पर आधारित “As a child I always used to think that I have to be a scientist” motivational story, Hindi में कैसी लगी? क्या ये story सबकी life (personality) में positivity ला सकने में कुछ सहयोगी हो सकेगी, if yes तो please comments के द्वारा जरुर बताये A  

      
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शनिवार, 3 अगस्त 2013

Thomas Alva Edison- Extremely Combative ( An Inspirational life in Hindi)



Thomas Alva Edison- Extremely Combative 



extremely combative  

                   प्रसिद्ध वैज्ञानिक थॉमस अल्वा एडिसन अपने माता-पिता कि सातवीं child थे, एडिसन बचपन से ही श्रवण-शक्ति से आंशिक रूप से वंचित रहे और उनको मंद-बुद्धि का माना जाता था इसलिए उन्हें school से पागल कह के निकल दिया गया और इस कारण उनकी school कि शिक्षा बाधित हुई/
पर उनके parents ने उनको support किया और उनकी माता नेंन्सी मेंथ्यु एलियट ने अपने son को इतना प्यार और संस्कार दिए जिससे  एडिसन मानसिक रूप से अति उन्नत और समृद्ध हो गये/
वैज्ञानिक थॉमस अल्वा एडिसन के लिए कहा जाता है कि वे  अत्यंत जुझारू प्रवृति के थे उन्होंने कभी खुद कि शारीरिक कमियों और जीवन कि विपरीत परिस्थितियों से हार नहीं मानी, और ना ही असफलता मिलने पे कभी रुके हमेशा दुबारा प्रयास करते रहे जब तक सफलता नहीं प्राप्त कर ली/
बल्ब का आविष्कार करने से पहले उनके thousand से भी ज्यादा experiment असफल हुए तब जाकर उनको सफलता मिली,
jeevan ki har bhul humare liye vardan ban sakti h
जब उनके आलोचकों ने उनसे पूँछा कि हजारवीं बार में मिली इस सफलता से आपको कैसा लग रहा है/
थॉमस अल्वा एडिसन ने उत्तर दिया—“ मैंने कभी उन घटनाओं को असफलताओं के रूप में स्वीकार ही नहीं किया, बल्कि मैंने उन thousand तरीकों कि खोज कि, जिनसे बल्ब नहीं बनाया जा सकता था, हमारी जिंदगी कि हर भूल हमारे लिए वरदान बन सकती है, यदी हम उससे कुछ भी सिखाने में सफल होते है,”
    दोस्तों हम सभी भी यदी एडिसन कि तरह ही अपने जीवन कि प्रतिकूलताओं के प्रति येसी ही positive सोच बनाये रखे तो जीवन स्वर्ग बन जायेगा और हर वो सफलता हम पाएंगे जो हम अपनी life में पाना चाहते है/  

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