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रविवार, 22 सितंबर 2013

What is Microsoft word in Hindi



What is Microsoft word?

Ms-word

माइक्रोसॉफ्ट वर्ड क्या है ?

Microsoft word, Microsoft office का एक part है और यह माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस का सबसे बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होने वाले computer के एक अनुप्रयोंगों में से एक है ।   
यह माइक्रोसॉफ्ट company द्वरा बनाया गया। यह सबसे पहले सन- 1983 में पहली बार multi – word tool के नाम से xenixsystem के  जारी किया गया था । बाद में DOS (1983),  Apple Macintosh (1984) के सहित कई अन्य प्लेटफार्म के लिए इसे लिखा गया था । windows operating system के लिए  MS - word का first version 1989 में आया ।
Microsoft word को शार्ट रूप में MS – word कहा जाता है । इसके जरिये हम computer में एक text फाइल बना सकते हैं जिसमे हम राइटिंग का, एडिटिंग का और ड्राइंग का कम कर सकते हैं। MS- word के documents को हम आसानी से share कर सकते हैं । इस के documents को system से दूसरे system में आसानी से ले जाया जा सकता है।       
    
Advantage of MS – word :
  • MS – word में text को आसानी से लिख जा सकता है ।
  • यह आसन और लगभग तत्काल शाब्दिक ( alphabets, numbers) को input कर सकता है ।
  • MS- word में बहुत ही बड़ी संख्या में formatting टूल्स हैं । जैसे- fonts- weight ( regular / bold) से text को regular या bold में बदलने कि क्षमता, text के नीचे अंडरलाइन खीचना आदि सहित स्वरूपं विकल्पों कि एक विशाल range इसमें है।
  • MS – word में images को manually डाला जा सकता है या फिर इसको word आर्ट गैलरी से आयत भी किया जा सकता है ।
  • इसमें सूचियों को आसानी से बनाया और प्रारूपित किया जा सकता है ।
  • MS-word में सामग्री (content), standard मानक HTML में होते हैं जिनको हम आसानी से नियंत्रित कर सकते है ।
  • इसमें self – explanatory dialogue boxes और menu option हैं ।
  • MS –word में हम आसानी से ग्राफिक work भी कर सकते हैं ।
  • इसमें table बना सकते हैं और data को table फॉर्म में रख सकते हैं ।



question- how to start MS office? या MS office में काम कैसे शुरू करें? या उसे कैसे ओपन करें ? 

answer- computer के डेस्कटॉप पर window के left कार्नर पर जाये वहां start button पर माउस से क्लिक करें ।
  • फिर All program button पर क्लिक करें।
  • उसके बाद माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस पर क्लिक करें ।
  • फिर लास्ट में उसमे MS – word पर क्लिक करें ।
  • आप के सामने MS –word कि एक new file खुल कर आ जाएगी। और अब इस पर आप कम कर सकते हैं।

     
                  
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शनिवार, 21 सितंबर 2013

Class notes on MS – word in Hindi


MS – word

Title bar यह MS – word की सबसे ऊपर वाली पट्टी होती है । यह dark नीले रंग कि पट्टी होती है। इसमें ही file का नाम दिखाया जाता है ।

Menu Bar— यह title bar के नीचे वाली पट्टी होती है । जो word menu का नाम प्रदर्शित करता है । menu bar के हर menu में कई option होते है, जो हमारे कार्य को और आसन बनता है । यह हलके आसमानी रंग का होता है ।

Standard tool bar— यह bar menu bar की नीचे वाली पट्टी होती है । इसमें cut, copy, paste, undo, zoom, जैसे option होते है ।

Formatting tool bar – यह standard tool bar की नीचे वाली पट्टी है¸इसका यूज़ हम अपने text को फॉर्मेट करने व स्टाइलिश तरीके से लिखने के लिए करते हैं । formatting tool से हम fonts के size को घटा और बढ़ा सकते हैं । इससे text को bold कर सकते है, text को underline और फॉण्ट का colour को बदल सकते है ।

Task bar – यह word pad कि सबसे नीचे वाली पट्टी होती है । task bar शॉर्टकट keys रखता है ।                

     
   
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रविवार, 1 सितंबर 2013

Components of computer / Functional Units of Computer





अभिकलित्र के भाग:

एक संगणक(अभिकलित्र) के मुख्य रूप से चार भागों से मिल कर बनता है
  • निविष्ट युक्ति,
  • निर्गम युक्ति
  • संसाधन युक्ति,
  • भंडारण युक्ति,

Note: युक्ति को यंत्र भी कहा जता है। और युक्ति को English में device  कहते है ।

1) निविष्ट युक्ति (input device):- input device उन उपकरणों को कहते हैं, जिनके द्वारा computer के अंदर निर्देशों (instruction) व आकड़ों (data) को प्रोसेसिंग के लिए भेजा जाता है । जैसे-


  • Keyboard- इसके दवारा हम alphabetical, numbers, symbols, special characters को computer में फ़ीड कर सकते हैं।    
  • Mouse- माउस एक पोइंटिंग device है। इसके दवारा हम कर्सर को हेंडल करते है ।
  • Scanner- स्कैनर के दवारा हम image व लिखे हुए data को computer में डाल सकते हैं ।
  • Joystick- जोय-स्टिक भी एक पोइंटिंग device है, और ये भी कर्सर कि पोजीशन को स्क्रीन पर एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाता है। 
  • Floppy and hard disk- इसमें हम data को store कर सकते है और जरुरत पड़ने पर उस data को इसके द्वारा computer में भेज सकते है । व एक जगह से दूसरी जगह पर data को ले जा सकते हैं।
  • Punched card- इसके दवारा हम data को computer में transfer कर सकते है ।
  • Microphone or Mick- इसके दवारा हम sound को computer में डाल सकते हैं ।  



2) निर्गम युक्ति (output device):- output device में वे सभी उपकरण शामिल किये जाते हैं, जिनसे Processed information और result  को user तक पहुँचता है । जैसे-

  • Monitor ( also called VDU- Visual Display Unit ) : इसकी सहायता से हम text, data , Information  and image को screen पर देख सकते है  ।  
  • Printer– इसकी सहायता से निर्गत सामग्री को हम कागज पर मुद्रित कर सकते है अर्थात इसका हम प्रिंट ले सकते है ।
  • Plotter- ये भी एक output device है इसके दवारा graphic और designs कि hard कॉपी को प्राप्त किया जाता है।


3) संसाधन युक्ति:- संसाधन युक्ति को विचार युक्ति या केंद्रीय प्रक्रमन एकक भी कहते हैं । इसको इंग्लिश में CPU (central processing unit) कहते हैं। यह computer कि मूल संक्रियात्मक इकाई ( प्रोसेसिंग यूनिट ) है जो input device द्वारा दिए गये data पर प्रक्रिया कर उसे output device को भेजती है ।


संसाधन युक्ति (CPU ) के तीन भाग होते हैं:

  1. बही या पंजी (रजिस्टर):- सबसे पहले जिन आंकड़ों या सूचनाओं पर काम करना होता है, उन्हें मेमोरी  से रजिस्टर में अंकित किया जाता है । अलग- अलग प्रक्रियाओं के लिए अलग अलग रजिस्टर होते हैं आंकिक एवं तार्किक इकाई की संक्रिया के बाद सूचनाएं पुनः रजिस्टर में दर्ज होती हैं और वापस मेमोरी में भेजी दी जाती हैं।

  1. आंकिक एवं तर्क इकाई (Arithmetic and Logical Unit):- यह यूनिट रजिस्टर में दर्ज सूचनाओं पर निर्देशों के अनुसार कार्य करती है तथा परिणाम को पुनः उपयुक्त रजिस्टर में दर्ज कर देता है।

  1. नियन्त्रण इकाई (Control Unit) :- यह केंद्रिय प्रसाधन इकाई की सभी क्रियाओं का नियंत्रण करती है। जैसे कि मेमोरी से सूचनाएं रजिस्टर में, वहाँ से आंकिक एवं तर्क इकाई में, वापस रजिस्टर में तथा वहाँ से मेमोरी में वापस जाने की प्रक्रिया पर यह इकाई नियंत्रण रखती है।



4) भंडारण युक्ति:- भंडारण युक्ति को storage device कहते हैं, ये computer में data और सूचनाओं को सहेज कर रखती है । storage device दो प्रकार कि होती हैं ।



a) अल्‍पकालिक भंडारण युक्ति:- इसमें data थोड़ी देर के लिए ही स्टोर कर के रखा जाता है । इसमें जब तक computer पर काम किया जा रहा होता है तब तक ही data store रहता है काम ख़तम होने पर व computer के बंद हो जाने के बाद इस मेमोरी में रखा सारा data चला जाता है । अल्‍पकालिक भंडारण युक्ति दो प्रकार कि होती है-

  • रैंडम एक्सेस मेमोरी (RAM):- इसको Hindi में याद्च्छिक अभिगम स्मृति कहते हैं।
  • रीड ओनली मेमोरी (ROM) :- इसको Hindi में पठन स्मृति कहते हैं ।

b) दीर्घकालिक भंडारण युक्ति:– ये लंबे समय के भंडार के लिए होता है इसमें आप जब चाहो तब आप को data और इनफार्मेशन वापस मिल सकती है सालो बाद भी और तुरन्त भी । ये निम्न प्रकार के होते हैं-

  • हार्ड ड्राइव या हार्ड डिस्क
  • फ्लॉपी डिस्क
  • कॉम्पैक्ट डिस्क (C.D)
  • अंकीय वीडियो डिस्क (DVD)



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मंगलवार, 27 अगस्त 2013

What is Computer? ( definition and characteristic in Hindi)




electronic device
कम्प्यूटर क्या है?

कम्प्यूटर एक इलेक्ट्रॉनिक यंत्र है जो डेटा लेता है और उस पर प्रक्रिया (processing) करके एक अर्थ पूर्ण  परिणाम देता है।
कंप्यूटर को हिंदी भाषा में अभिकल यंत्र (programmable machine) कहते है, इसके अन्य नाम  संगणक परिकलक हैं
कम्प्यूटर दिए गये गणितीय (numeric) तथा तार्किक संक्रियाओं ( logical data ) को क्रम से स्वचालित रूप से करने में पुर्णतः सक्षम है।
और ये कैलकुलेशन  कम्प्यूटर बिना किसी त्रुटि के पुर्णतः सही प्रदान करता है वो भी एक ही पल में (in a single second).
कम्प्यूटर जो डेटा लेता है उसे हम input data बोलते है और इस डेटा पे प्रोसेसिंग कर के जो परिणाम वापस देता है उसे output data बोलते है

कम्प्यूटर कि विशेषताए
(characteristic of computer):-

कम्प्यूटर हमारे जीवन के हर क्षेत्र में महत्वपूर्ण स्थान रखता है और इसका कारण है कम्प्यूटर कि विभिन्न उपयोगताएं कम्प्यूटर एक साथ कई कार्य कर सकता है वो भी बिना किसी त्रुटी के, और कम्प्यूटर कि ये विशेष विशेषताएं निम्न प्रकार से है
  • संग्रह क्षमता (storage capacity):- कम्प्यूटर के पास उच्च कोटि कि संग्रह  क्षमता होती है। वह अपने अंदर डेटा को संग्रहित कर सकता है, और इस संग्रहण को internal storage बोलते है। इसी के साथ कम्प्यूटर बाह्य यंत्रों में भी डेटा संग्रहित कर सकता है और इस बाह्य संग्रहण यंत्र को external device बोलते हैं।
  • स्वचालित (Automatic):- कम्प्यूटर एक स्वचालित मशीन है, इसका अर्थ यह है कि एक बार कम्प्यूटर को जो भी कोई कार्य (task) दे दिया गया तो वो तब तक चलता रहता है जब तक वह कार्य(task) पूरा नहीं हो जाता
  • गति (Speed):- कम्प्यूटर अत्यंत तेज चलता है अर्थात बहुत जल्दी  कार्य को पूरा करता है वह एक पल (second) में मिलियन निर्देशों को पूरा करता है। कम्प्यूटर कि चाल माइक्रोसैकेण्ड (10-6) नेनोसेकंड (10-9) में नपी जाती है यहाँ10-6का अर्थ है10 कि पॉवर 6और10-9का अर्थ है10 कि पॉवर 9
  • शुद्धता(Accuracy):- कंप्यूटर बेहद सटीक और विश्वसनीय परिणामों का उत्पादन करता है। ज्यादातर यह शत प्रतिशत शुद्धता देता है।
  • बहुमुखी प्रतिभा (Versatility): - इसका अर्थ यह है कि कंप्यूटर, कार्यों की एक विस्तृत विविधता का प्रदर्शन करने में सक्षम है, जैसे कि-
  1. कंप्यूटर डेटा को स्वीकार कर सकता है और उस पर क्रिया के परिणाम का उत्पादन कर सकता है।
  2. कंप्यूटर इसके अलावा जोड़, घटाव, गुणा और भाग के बुनियादी अंकगणितीय आपरेशनों पर क्रिया कर सकता है।
  3. कंप्यूटर तार्किक आपरेशनों पर क्रिया करता है।
  4. कंप्यूटर आंतरिक और बाह्य दोनों प्रकार के डेटा को ट्रांसफर कर सकता  है, इसका मतलब है कि कम्प्यूटर में डेटा एक हिस्से से कम्प्यूटर के अन्य हिस्से के में प्रवाहित हो सकता है।
  • तत्परता (Diligence): - कम्प्यूटर हमेशा पहली बार कि तरह ही सटीक और विश्वसनीय परिणाम देने कि सक्षमता रखता है, क्योंकि कंप्यूटर थकान और एकाग्रता की कमी से पुर्णतः मुक्त है और घंटो बिना रुके कार्य कर सकता है।
  • परफेक्ट मेमोरी और बड़ा भंडारण: - कम्प्यूटर अपने पास बहुत सी सुचना और डेटा को संग्रहित कर सकता है और कभी भी उसे प्राप्त कर सकता है। कम्प्यूटर कि स्मृति और भंडारण क्षमता असीमित होती है।
  • No I.Q: - कंप्यूटर के पास अपनी कोई बुद्धि नहीं होती यह एक dumb मशीन है और यह बिना अनुदेश दिए कोई भी काम नहीं कर सकता है ये निर्देश उपयोगकर्ता (इंसान) द्वारा निर्धारित किये जाते है
  • नो फीलिंग: - कम्प्यूटर के पास किसी भी प्रकार कि कोई भावनाएं नहीं होती है और इस का कारण यह है कि  कम्प्यूटर के पास अपनी स्वयं कि बुद्धि जो नहीं होती है और इसी कारण कम्प्यूटर को कभी भी थकान महसूस नहीं होती और वो सतत कार्य करता रहता है।


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