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रविवार, 27 अक्टूबर 2013

It has taken away due to anger is better than anger- a real life true motivational story in Hindi



क्रोध  से अच्छा है क्रोध के  कारण को मिटा दे,

it has taken away due to anger is better than anger

It has taken away due to anger is better than anger

जूलियस सीज़र की कहानियाँ हम सब ने school- college में खूब पढ़ी हैं। आज में जूलियस सीज़र के जीवन की बातों को पुनः तरोताजा करने जा रही हूँ । कुछ लोगों के लिए  Julius Caesar की ये बाते पुरानी होंगी तो कुछ लोगों के लिए नयी; क्योकिं कुछ लोगों ने Julius Caesar  को अच्छे से पढ़ा होगा तो कुछ लोगों ने जूलियर के बारे में सुना तो होगा पर ज्यादा पढ़ा नहीं होगा,या फिर पढ़ कर भूल गये होंगे। आज में जूलियर सीजर की life की एक truth event को आप के साथ share करने जा रही हूँ ।     

जूलियस सीज़र एक history famous सम्राट है। युवावस्था में सीज़र को भीषण संघर्षों से गुजरना पड़ा । एक सैनिक से सम्राट बनने तक का सफ़र बहुत ही दिलचस्प रहा । जूलियस सीज़र का जन्म 101 ई. पू. में एक अभिजात्यवादी रोमन कुल में हुआ था। इस कुल के लोग स्वयं को Venus Goddess का वंशज मानते थे । जूलियस सीज़र ने अपने आप को एक तानाशाह के रूप में स्थापित कर किया था । उसके राज्य में कहने को तो सारे प्रसाशनिक निर्णय रोमन सीनेट की बैठक में लिए जाते थे परन्तु राज्यसत्ता का मुख्य केंद्र जूलियस सीज़र का निवास स्थान ही होता था । जहाँ से वो अपनी सत्ता को चलाता व control करता था ।

जूलियस सीज़र एक तानाशाह राजा तो था पर उसे अपने गुस्से पर control करना बहुत ही अच्छे से आता था । और शायद यही कारण था की वो एक सैनिक पद से सम्राट के पद तक का सफ़र तय कर पाया । एक बार की बात है जूलियस सीज़र को कुछ पत्रों का एक पुलिंदा मिला जिसे उसके एक विरोधी ने सीज़र के लिए लिखा था । उन्हें देख कर सीज़र को क्रोध आ रहा था। सीज़र ने उनको बिना पढ़े ही जला दिया।

यह देखकर सीज़र के एक मित्र ने उनसे कहा  –“ आपने ये पत्र क्यों जला दिए। आप ने इन पत्रों को जला कर अच्छा नहीं किया । आप को इन दस्तावेजों को सभाल कर रखना चाहिए, अपने शत्रु के प्रमाण के रूप में ये पत्र अच्छे दस्तावेज साबित हो सकते हैं ।”  

इस पर सीज़र ने अपने मित्र से बहुत ही संयत और सधे शब्दों में कहा –“ मित्र तुम मेरे शुभचिंतक को इसके लिए धन्यवाद! यदपि मैं कोधित हूँ पर अपने क्रोध के प्रति सदैव सतर्क रहता हूँ, और उसे नियंत्रित करता हूँ क्योंकि मेरी दृष्टि में क्रोध को तो ख़तम नहीं किया जा सकता वो तो आ ही जाता है। इसलिए मैं क्रोध के कारण को ही मिटा देना उचित समझता हूँ ।”      
   
Anger is a natural reaction, it is necessary to regulate,
It has taken away due to anger is better than anger


Friend’s, आप को मेरी, “It has taken away due to anger is better than anger real life true motivational story, Hindi में कैसी लगी? क्या ये story सबकी life (personality) में positivity ला सकने में कुछ सहयोगी हो सकेगी, if yes तो please comments के द्वारा जरुर बताये । 

One Request: Did you like this personal development base motivational story in Hindi? If yes, become a fan of this blog...please

मंगलवार, 22 अक्टूबर 2013

a true, marvelous and pure real life love story in Hindi-मैरी क्यूरी और पियरे क्यूरी की अदभुत और पवित्र प्रेम कथा


This is a true, marvelous and pure love story 
  base on Marie Curie and Pierre Curie. 

मैरी क्यूरी और पियरे क्यूरी की अदभुत और पवित्र प्रेम कथा

Marriage से पहले मैरी क्यूरी को सभी लोग मान्या (मैरी स्क्लोंदोव्स्का) के नाम से बुलाते थे । और उनका पूरा नाम ‘मैरी स्क्लोंदोव्स्का’ था मान्या की बड़ी बहन ब्रोन्या सोरबोन peris में पढ़ना चाहती थी । वहीँ पर मान्या की भी यही इच्छा थी की वो भी अपनी study paris में पूरी करें । पर उनकी इस इच्छा में उनकी आर्थिक मजबूरी आड़े आ रही थी । पर उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और paris में ही पढाई करने का निश्चय किया । इसके लिए paris में मान्या ने governance की job कर ली ।

मान्या पेरिस के जिस घर में काम करती थी, उसी घर में एक लड़का कसीमिर वारसा university में पढ़ता था । वह अपनी छुट्टियाँ बिताने घर आया था। और अपने घर पर मान्या (मैरी स्क्लोंदोव्स्का) को देखते ही पहली नज़र में उनको दिल दे बैठा ।

कसीमिर (पियारे क्यूरी) की mother को जब यह पता चला, तो उसने खुल कर इस प्यार का विरोध किया और कहा कि मैं किसी गवर्नेस को अपनी बहू नहीं बना सकतीं।

अपने first love में असफल होने के बाद कसीमिर का हाल बहुत बुरा था। अब उसके जीवन में अपने first love में fail होने के बाद किसी और woman का स्थान नहीं था।

संयोग से one day, इन दोनों कि पुन: भेट हो गयी । इन दोनों की professor एम. कोब्लस्की के आवास पर अचानक मुलाकात हो गयी, जो उन दिनों paris भ्रमण के लिए आये हुए थे ।

अपनी इस भेट के बारे में स्वयं मैरी ने बहुत ही सुंदर वर्णन इन words में किया है –“ जब मैं वहां पहुची, तो 35 year old पियारे क्यूरी एक window के पास खड़े थे । वह मुझे बहुत सजीला युवक लगा । उनकी आखों के निश्छल भाव और उनके व्यक्तित्व से प्रकट होने वाली सहज लापरवाही ने मुझे एकदम मोहित कर लिया। उनका धीरे – धीरे बोलना, उनका सरल और सादा व्यक्तिव, उनका एक साथ ही गम्भीर और यौवन से पूर्ण होना मुझे एकदम भा गया ।”

उस समय पियरे paris के Institute of Chemistry and Physics के president थे और अपने Scientific research के बल पर वह French scientists में अग्रणी बन चुके थे । और उनकों फ्रांस सरकार से मात्र three hundred franc का वेतमान मिलता था । पियरे क्यूरी मैरी स्क्लोंदोव्स्का से विवाह करना चाहते थे, पर इतनी कम salary के कारण marriage का प्रस्ताव मैरी स्क्लोंदोव्स्का के सामने रखने में हिचक रहे थे । पर क्या करें दिल के आगे सब मजबूर हो जाते हैं। पियरे भी दिल के आगे मजबूर थे । और आखिर में डरते- डरते उन्होंने मैरी स्क्लोंदोव्स्का के आगे विवाह प्रस्ताव रख ही दिया, और मैरी स्क्लोंदोव्स्का ने भी इस प्रस्ताव को सहर्ष स्वीकार किया । इस तरह सन 1865 में मान्य,- मैरी स्क्लोंदोव्स्का से मैरी क्यूरी बन गयी ।      

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